झलकियाँ
रविवार, 14 मार्च 2010
द्वितीय हड्डी रोग, जोड़ रोग और फ़िज़िओथैरेपि शिविर का आयोजन
परिषद् ने फ़िज़िओथैरेपि केन्द्र पर एक मुफ्त हड्डी रोग, जोड़ रोग और फ़िज़िओथैरेपि शिविर का आयोजन किया। करनाल के वरिष्ठ हड्डी जोड़ रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉक्टर बलबीर विर्क ने शिविर में अपनी सेवाएँ दी जिसमे 2८ रोगियों ने जांच करवाई।
सोमवार, 8 मार्च 2010
घरौंडा में पार्क की मांग की
काफी समय से घरौंडा के नागरिक एक पार्क की मांग कर रहे हैं। हालाँकि पहले से ही यहाँ एक पार्क था परन्तु पूर्ववर्ती सरकार ने उसे हर्बल पार्क के तब्दील कर दिया था। इससे बच्चों के लिए झूलों एवं खेलने के स्थान की कमी हो गयी है।
इसी मांग को लेकर परिषद् ने एक मांगपत्र कुरुक्षेत्र सांसद श्री नवीन जिंदल, करनाल संसाद श्री अरविन्द शर्मा एवं घरौंडा के विधायक श्री नरेन्द्र सांगवान को भेजा है। इस पात्र में मांग के साथ साथ पार्क के लिए उपयुक्त उपलब्ध स्थानों का विवरण भी उपलब्ध करवाया गया है। परिषद् की इस मांग में बहुत से वर्ग और समाज के वरिष्ट सदस्य सम्मिलित हैं।
बुधवार, 3 मार्च 2010
शिवाजी जयंती मनाई
भारत विकास परिषद् ने फ़िज़िओथैरेपिकेंद्र में छत्रपति शिवाजी जी की जयंती मनाई। इस अवसर पर आर एस एस के जिला पदाधिकारी श्री कविन्द्र राणा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने शिवाजी के जीवन पर प्रकाश डाला। साथ ही डॉक्टर मुकेश ने भी उनके जीवन से जुड़े वृतांत प्रस्तुत किये। इस अवसर पर नरेन्द्र चावला, अजय सिंगला, मोहिंदर सोनी, विनोद गुप्ता, इश्वर गुप्ता, डॉक्टर मुकेश, राजेश गर्ग, राजेश जैन, अरुण अग्रवाल, राजीव खन्ना, राजेंद्र गोयल, चाँद पहल, सुरेन्द्र शर्मा इत्यादि ने उपस्थित होकर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मंगलवार, 2 मार्च 2010
फिजियोथैरेपी केंद्र में नयी मशीन जुडी
शाखा ने घुटनों व् पैरों के दर्द के लिए फिजियोथैरेपी केंद्र में एक नयी मशीन जोड़ी है। यह मशीन डॉक्टर गौरव सपरा के सौजन्य से प्राप्त हुयी है। इस मशीन के आने से अब घुटने के तकलीफ वाले मरीजों को भी विशेषीकृत उपचार प्राप्त हो सकेगा।
सोमवार, 1 मार्च 2010
होली का त्यौहार धूम से मनाया
भारत विकास परिषद् घरौंडा शाखा ने होली का त्यौहार पूरी धूम से मनाया। प्रेम भाव का त्यौहार प्रेम भाव से मनाया गया। कम्युनिटी हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में शाखा ने नाच गाने के साथ सभी साथियों के साथ त्यौहार का आनंद लिया।
रंगों की मस्ती में सराबोर सब ने खेल खेले, नाच गाना किया, लतीफे सुनाये और मज़ा किया। “ मेरो खोया गया बाजूबंद” गीत पर तो सभी ही जैसे होली के रंग में रंगे गए। ख़ास बात यह रही की गतवर्ष की तरह इस बार भी शाखा ने सूखी होली ही खेली और जल बचाने का सन्देश दिया।
रंगों की मस्ती में सराबोर सब ने खेल खेले, नाच गाना किया, लतीफे सुनाये और मज़ा किया। “ मेरो खोया गया बाजूबंद” गीत पर तो सभी ही जैसे होली के रंग में रंगे गए। ख़ास बात यह रही की गतवर्ष की तरह इस बार भी शाखा ने सूखी होली ही खेली और जल बचाने का सन्देश दिया।
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